Article हिंदी-Hindi

लाकडाउन में जीवन को भरपूर जीने की मनोवैज्ञानिक कुंजी

प्रख्यात अमेरिकी कलाकार एंडी वारहॉल का कथन है “हमेशा कहा जाता है कि समय चीजों को बदलता है, लेकिन आपको वास्तव में उन्हें खुद को बदलना होगा”. बतौर एक व्यावसायिक चित्रकार, कलात्मक चित्रकार, फ़िल्मकार, निर्माता, कारोबारी, पारखी और संरक्षक, वारहॉल ने कभी भी खुद को दायरों में सीमित नहीं किया, तथा जीवनपर्यंत नई विधाओं और […]

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गौतम बुद्ध पारंपरिक या मौलिक ?

गौतम बुद्ध पारंपरिक नहीं, मौलिक हैं। गौतम बुद्ध किसी परंपरा, किसी लीक को नहीं पीटते हैं। वे ऐसा नहीं कहते हैं कि अतीत के ऋषियों ने ऐसा कहा था, इसलिए मान लो। वे ऐसा नहीं कहते हैं कि वेद में ऐसा लिखा है, इसलिए मान लो। वे ऐसा नहीं कहते हैं कि मैं कहता हूं […]

Socio-Political Philosophy हिंदी-Hindi

कोविड- 19, वर्गवाद एवं सामाजिक-आर्थिक प्रभाव

इस धरती का सबसे बुद्धिमान प्राणी मनुष्य अपने द्वारा बनाई गई व्यवस्थाओं को देखकर गर्व करता है और उस पर इतराता है। परंतु यही गर्व जब घमंड में परिवर्तित हो जाता है जब वह प्रकृति द्वारा बनाई गई व्यवस्था को चुनौती देने लगता है और प्रकृति के नियमों में बाधा उत्पन्न करता है। ऐसे में […]

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