पूजा सिन्हा[1]

सारांश:

प्रस्तुत आलेख में आज के कोरोना काल में प्रचलित शब्दों सामाजिक दूरी एवं आइसोलेशन को भारतीय चिन्तन की परम्परा के सन्दर्भ में समझने का प्रयास किया गया है |यहाँ पहले ताजा स्थिति में  सामाजिक दूरी एवं आइसोलेशन की बात की गई है | फिर एकांत के व्यवहारिक जीवन में महत्व को दर्शाया गया है |पुनः भारतीय दर्शन की आध्यात्मिक पृष्ठभूमि की बात करते हुए वैराग्य ,अनासक्ति एवं एकांत को वर्तमान काल के कोरोना संकट के सन्दर्भ में प्रचलित शब्दों सामाजिक दूरी एवं आइसोलेशन से सम्बन्धित किया गया है| आज के दौर में भारतीय चिन्तन के इस पक्ष को अत्यंत प्रासंगिक बतलाया गया है|


[1] poojaphilo786@gmail.com

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